रोमः सामाजिक न्याय एवं मानवाधिकार मामलों में है मज़बूत कोरियाई कलीसिया
रोम, बुधवार, 13 अगस्त सन् 2014 (विभिन्न सूत्र): रोम में कार्यरत कोरिया के काथलिक धर्माधिकारियों
के अनुसार दक्षिण कोरिया की कलीसिया सामाजिक न्याय एवं मानवाधिकार मामलों में अग्रणी
रही है।
रोम में कोरियाई परमधर्मपीठीय महाविद्यालय के प्राचार्य फादर जॉन किम
जोंग-सू ने पत्रकारों से कहाः "दक्षिण कोरिया में काथलिक कलीसिया सामाजिक न्याय एवं मानवाधिकार
के मामलों में अत्यधिक मज़बूत रही है इसीलिये स्वाभाविक है कि अनेक कोरियाई लोग, चाहे
काथलिक हों या ग़ैरकाथलिक, काथलिक धर्म के पक्षधर हैं।"
वस्तुतः विश्व के उस
क्षेत्र में दक्षिण कोरिया के काथलिक सर्वाधिक गतिशील काथलिकों में से हैं। हालांकि अभी
भी वे अल्पसंख्यक ही हैं, तथापि, केवल 25 सालों के अन्तर्गत, 5 करोड़ 12 लाख की कोरिया
की कुल जनसंख्या में काथलिकों की संख्या 15 लाख से 54 लाख तक पहुँच गई है। विगत दशक में
काथलिकों की संख्या में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
इस द्रुत विकास के
कई कारण है जिनमें दक्षिण कोरिया में प्रजातंत्रवाद की बहाली हेतु काथलिक कलीसिया की
भूमिका, विभिन्न समाज कल्याण योजनाओं में कलीसिया की सक्रिय भागीदारी तथा अन्तरधार्मिक
वार्ता एवं पारम्परिक कोरियाई आध्यात्मिकता के प्रति सम्मान भाव।
कई लोगों की
आशा है कि सन्त पापा फ्राँसिस की यात्रा बुलाहटों एवं मनपरिवर्तन को प्रोत्साहन प्रदान
करेगी। फादर जोंग-सू ने कहा, "मैं अपेक्षा करता हूँ कि कोरिया के अनेक लोग सन्त पापा
का अनुसरण करना चाहेंगे।"