वाटिकन सिटीः गुरुकुल छात्रों को "अकादमीवाद" के ख़तरों के प्रति सन्त पापा ने कराया
सचेत
वाटिकन सिटी, 13 मई सन् 2014 (सेदोक): रोम में, सोमवार को गुरुकुल छात्रों से मुलाकात
कर सन्त पापा फ्राँसिस ने उन्हें "अकादमीवाद" के ख़तरों के प्रति सचेत कराया।
सोमवार
को रोम स्थित परमधर्मपीठीय विश्वविद्यालयों एवं गुरुकुलों में अध्ययनरत छात्रों एवं प्राचार्यों
ने सन्त पापा फ्राँसिस का साक्षात्कार कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
सन्त
पापा फ्राँसिस ने पुरोहितों एवं गुरुकुल छात्रों से कहा, "यदि आप अपने प्रशिक्षण के केवल
अकादमी पक्ष पर ही ध्यान केन्द्रित करेंगे तो इसमें वैचारिक बनने का ख़तरा है जो रचनात्मक
नहीं है। यह कलीसिया के अर्थ को आत्मसात करने में भी बाधा उत्पन्न करता है। कलीसिया को
बुद्धिगम्य करने के लिये हमें उसके बारे में अध्ययन करना ज़रूरी है किन्तु इसके साथ-साथ
अनिवार्य है प्रार्थना करना तथा कलीसियाई समुदाय एवं उसके प्रेरितिक जीवन से संलग्न होना।"
उन्होंने कहा कि जब पुरोहित एवं गुरुकुल छात्र कोरी सिद्धान्तवादिता में फँस
जाते हैं तब वे ख्रीस्तीय धर्म के मूलतत्वों को समझने में असमर्थ बन जाते हैं जबकि ख्रीस्तीय
दृष्टि से कलीसिया को समझना तथा ख्रीस्तीय मनोमस्तिष्क से उसे आत्मसात करना अनिवार्य
है।
सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि शिक्षा के अकादमिक पक्ष पर ध्यान देना आवश्यक
है किन्तु किसी भी स्थिति में आध्यात्मिक जीवन, सामुदायिक जीवन तथा प्रेरितिक जीवन की
उपेक्षा नहीं की जानी चाहिये।
रोम के पुरोहितों एवं गुरुकुल छात्रों से मुलाकात
के अवसर पर सन्त पापा ने विश्व के प्रताड़ित कलीसियाई समुदायों का विशेष ध्यान किया और
कहा कि अपनी प्रार्थनाओं में वे मध्यपूर्व एवं यूक्रेन की उत्पीड़ित कलीसियाओं के समीप
हैं।