2011-06-10 18:12:46

संत पापा द्वारा कनाडा में मार अदाई खाल्दीयाई धर्मप्रांत की रचना कर प्रथम धर्माध्यक्ष की नियुक्ति


(वाटिकन सिटी 10 जून वीआर वर्ल्ड, सेदोक) संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें ने कनाडा में टोरंटो के खाल्दीयाई विश्वसियों के लिए मार अदाई खाल्दीयाई प्रांत की रचना कर महाधर्माध्यक्ष हाना जोरा को सी ओफ अहाज से स्थानांतरित कर इस नये प्रांत का प्रथम धर्माध्यक्ष नियुक्त किया है।

महाधर्माध्यक्ष हाना जोरा का जन्म इराक के अलकोच के बातना में 13 मार्च 1937 को हुआ। वे 10 जून 1962 को पुरोहित अभिषिक्त हुए और इराकी नागरिक रहते हुए 1 मई 1974 को इरान में अहाज के खाल्दीयाई विश्वासियों के महाधर्माध्यक्ष निर्वाचित किये गये। वे फरवरी 1987 को ईरान से चले गये तथा 1993 तक रोम में रहे और कनाडा में रह रहे खाल्दीयाई समुदाय की मेषपालीय सेवा की जिम्मेदारी निभाते रहे। टोरंटो के लातिनी रीति के महाधर्माध्यक्षीय क्षेत्र में वे चार पुरोहितों के साथ खाल्दीयाई विश्वासियों को मेषपालीय सेवा उपलब्ध कराते रहे थे। कनाडा में खाल्दीयाई ईसाईयों की संख्या लगभग 38 हजार है जो मुख्यतः टोरंटो, मोन्ट्रियाल, लंदन विंडसर, हैमिलटन और लंदन, ओंटारियो, ओकविल्ले, ससकातून, वैंकुवर और ओटावा क्षेत्र में निवास करते हैं। टोरंटो में मार अदेई चर्च का हाल ही में खाल्दीयाई प्राधिधर्माध्यक्ष कार्डिनल इम्मानुएल तृतीय डेली ने अभ्यंजन किया था। इस चर्च को संत पापा ने धर्माध्यक्षीय कैथीड्रल का दर्जा दिया है।

इराक में किरकुक के महाधर्माध्यक्ष लुईस साको ने कहा कि इस समाचार से वे के और प्रसन्न हैं क्योंकि हम खाल्दीयाई सार्वभौमिक कलीसिया के अंग हैं। तथापि दूसरी और कुछ उदास भी हैं कि हमारी भूमि से लोग निरंतर पलायन करते रहे हैं जहाँ कलीसिया की उपस्थिति 5 वीं सदी से ही रही है।
उन्होंने कहा कि ईसाईयो से अपील है कि वे इस भूमि को, अपने विश्वास और विशिष्ट पूजनधर्मविधि परम्पराओं को नहीं छोड़े लेकिन बने रहें क्योंकि यहाँ रहना तथा मुसलमान बंधुओं के लिए साक्ष्य बनना हमारा मिशन है।

महाधर्माध्यक्ष साको ने विश्व भर के ईसाईयों और अन्य देशों से अपील करते हुए कहा कि इराक में ईसाईयों की उपस्थिति बनी रहे इसके लिए प्रार्थना सहित विभिन्न योजनाओं को मदद तथा समुदाय को समर्थन दें। उन्होंने कहा कि कुर्दिस्तान में परिस्थिति ईसाईयों के लिए अच्छी है तथा इसके साथ ही शहर में मुसलमान बंधुओं के साथ सहअस्तित्व को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था करना जरूरी है। उन्होंने ने विश्व भर में रह रहे खाल्दीयाई समुदाय के लोगों से उन्हें नहीं भूलने की अपील की है जिन्होंने प्राचीन समुदाय की जीवंत उपस्थिति के लिए इराक में ही रहने का निश्चय किया है।







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