2010-06-21 20:13:16

तेल रिसाव की घटना मानव जाति के लिये एक सबक


वाटिकन सिटी, 20 जून, 201 (ज़ेनित) मेक्सिको  की खाड़ी में तेल रिसने की घटना न केवल उर्जा उद्योग से जुड़े लोगों के लिये वरन् पूरी मानव जाति के लिये ही एक सबक है
उक्त बातें वाटिकन प्रेस कार्यालय के निदेशक एवं वाटिकन प्रवक्ता  जेस्विट फादर फेदेरिको लोमबारदी ने उस समय कहीं जब वाटिकन टेलेविज़न के साप्ताहिक कार्यक्रम ‘ऑक्तावा दियेस’ मेक्सिको की खाड़ी में हो रहे तेल रिसाव पर टिप्पणी कर रहे थे।
उन्होंने कहा तेल के समुद्र में फैलने की व्यापकता का ठीक से पता लगाना कठिन है पर यह तो निश्चित है कि यह बड़े पैमाने पर हुआ है और समुद्र में इसका फैलना जारी है।
उन्होंने कहा कि मानवीय असावधानी के कारण इसी तरह की कई दुर्घटनायें हुईं है, जैसे भारत में सन् 1984 में भोपाल गैस कांड और सन् 1986 में यूक्रेन के चेरनोबिल का न्यूक्रिलयर रियकटर कांड जिससे हज़ारों लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात तो यह है कि दुनिया की एक सबसे बड़ी तेल कम्पनी और आधुनिक तकनीकियों से सम्पन्न और सक्षम देश अमेरिका भी इस समस्या का कारगर  समाधान  खोजने में अक्षम रही है।
स्थानीय आँकड़ों के अनुसार  इस हादसे से करीब 2.5 अरब डालर का नुकसान हुआ है। यह एक प्राकृतिक विपदा नहीं है पर मानव की लापरवाही का परिणाम है।
जेस्विट फादर ने कहा कि मानव को ऐसी गलतियों से सबक लेने की आवश्यकता है, उसे दूरदर्शी होना है और प्राकृतिक संसाधनों का होशियारी से उपयोग करना होगा ताकि पर्यावरण का सामंजस्य बना रहे।
फादर लोमबारदी ने कहा कि यह तो तय है कि मानव आधुनिक तकनीकि का विकास लगातार करता जायेगा, पर उसे स बात को सदा याद करना चाहिये जिसकी चर्चा संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने अपने दस्तावेज़ में की है कि मानव, उर्जा और तकनीकि का उपयोग पूरी ज़िम्मेदारी के साथ करे।









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