2009-12-21 12:45:11

वाटिकन सिटीः परमधर्मपीठीय सन्त प्रकरण परिषद की 40 वीँ वर्षगाँठ पर सन्त पापा ने परिषद सदस्यों को सम्बोधित किया


वाटिकन स्थित सन्त क्लेमेनतीन सभागार में, शनिवार को, परमधर्मपीठीय सन्त प्रकरण परिषद की 40 वीँ वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में सन्त पापा ने बेनेडिक्ट 16 वें ने परिषद सदस्यों का साक्षात्कार कर उन्हें अपना सन्देश प्रदान किया।

सन्त पापा ने कहा कि विगत चालीस वर्षों में सन्त प्रकरण परिषद ने योग्यता एवं प्रवीणता के साथ ईश प्रजा के उत्थान हेतु नवीन सन्तों की प्रस्तावना कर सुसमाचार प्रचार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सन्त पापा ने कहा कि वास्तव में जब कलीसिया एक सन्त को वेदी का सम्मान प्रदान करती है तब वह उस सन्त के सदगुणों एवं आदर्शों को लोगों के लिये प्रस्तुत कर प्रभावशाली ढंग से सुसमाचार की उदघोषणा करती तथा विश्व में ख्रीस्त की उपस्थिति के प्रति चेतना जाग्रत करती है।

सन्त पापा ने कहा कि अपने जीवन आदर्शों द्वारा सुसमाचार का साक्ष्य प्रदान करनेवाले सन्त अतीत के प्रतिनिध नहीं हैं बल्कि वे कलीसिया एवं समाज के वर्तमान एवं भविष्य का निर्माण करनेवाले हैं। उन्होंने अपने जीवन द्वारा ख्रीस्तीय जीवन के मूल्यों अर्थात् उदारता, प्रेम एवं सत्य की ज्योत जगाई है तथा हमें भी ऐसा करने के लिये प्रेरणा देते हैं।

अन्त में क्रिसमस महापर्व के सन्दर्भ में सन्त प्रकरण परिषद के सदस्यों से सन्त पापा ने कहा कि ख्रीस्तजयन्ती महापर्व ईश सन्तान बनने के लिये आमंत्रित प्रत्येक मानव व्यक्ति की प्रतिष्ठा को पूर्ण प्रकाश में आलोकित करता है। सन्तों के अनुभव में यह प्रतिष्ठा ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्यों, वैयक्तिक आचार व्यवहार, स्वतंत्र एवं ज़िम्मेदार चयनों में साकार होती है। इन्हीं सन्तों से हम अपने दैनिक जीवन के लिये मार्गदर्शन पा सकते तथा मुक्ति की तीर्थयात्रा में नित्य अग्रसर हो सकते हैं।








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