2009-04-13 16:29:06

स्वर्ग की रानी आनन्द मना प्रार्थना का पाठ करने से पूर्व संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें द्वारा दिया गया संदेश


श्रोताओ, संत पापा बेनेडिक्ट 16 वें पवित्र सप्ताह की व्यस्ततम पूजन धर्मविधि समारोहों के बाद रोम परिसर में कासेतेल गोंदोल्फो स्थित प्रेरितिक प्रासाद में कुछ दिनों के लिए विश्राम कर रहे हैं। उन्होंने सोमवार 13 अप्रैल को कास्तेल गोंदोल्फो स्थित प्रेरितिक प्रसाद के प्रांगण में देश विदेश से आये तीर्थयात्रियों के साथ स्वर्ग की रानी आनन्द मना प्रार्थना का किया। इससे पूर्व उन्होंने अपने संदेश में कहा- अतिप्रिय भाईयो और बहनो, पास्का महापर्व के इन दिनों में हम येसु के इन शब्दों को प्रतिध्वनित होते हुए सुनते हैं- मैं जी उठा हूँ और अबतक तुम्हारे साथ हूँ। इस घोषणा के साथ ही कलीसिया उदघोषणा करती है हाँ, हमें पूर्ण विश्वास है, प्रभु सचमुच जी उठे हैं अल्लेलूइया। उन्हें युग युगों तक महिमा और सामर्थ्य। सारी कलीसिया पर्व मना रही है, उसके मनोभाव गीतों में व्यक्त होते हैं। यह दिवस स्वामी प्रभु ख्रीस्त का है। वस्तुतः पुर्नजीवीत होकर प्रभु येसु ने अनन्त काल का उदघाटन कर दिया। वे कहते हैं मैं नहीं मरूँगा लेकिन जीवित रहूँगा।

क्रूसित मानव पुत्र, ऐसा पत्थर जिसे कारीगरों ने तुच्छ समझकर निकाल दिया था वह नया आध्यात्मिक भवन, जो कलीसिया है,इसका रहस्यमय शरीर, की ठोस नींव बन गया है। ईश प्रजा, जिसका ख्रीस्त अदृश्य नेता हैं इसकी नियति है कि यह हर सदी में बढ़े जबतक मुक्ति योजना पूरी तरह पूर्ण न हो जाये। तब सम्पूर्ण मानवजाति उनमें समाहित हो जायेगी और प्रत्येक विद्यमान वास्तविकता उनकी पूर्ण विजय से सराबोर हो जाएगी। जैसा कि प्रेरित संत पौलुस लिखते हैं- मसीह सब कुछ सब तरह से पूर्णता तक पहुँचाते हैं और सब पर ईश्वर पूर्ण शासन करेगा।

मसीही समुदाय आनन्द मनाता है क्योंकि प्रभु का पुनरूत्थान हमें आश्वासन देता है कि ईश्वर की दिव्य योजना निश्चित रूप से पूरी होगी। यही कारण है कि ईस्टर वास्तव में हमारी आशा है और हम, बपतिस्मा संस्कार द्वारा ख्रीस्त में जी उठे, अभी हम जीवन की पवित्रता में उनका निष्ठापूर्वक अनुसरण करें। बिना रूके इस जागरूकता से संबल पाकर अनन्त ईस्टर की दिशा में अग्रसर हों कि कठिनाईयाँ, परीक्षाएँ, संघर्ष और मृत्यु सहित मानव अस्तित्व की पीड़ाएँ हमें उनसे और उनके प्रेम से कदापि अलग नहीं कर सकते हैं। उनके पुनरूत्थान ने इस संसार और अनन्त जीवन के मध्य एक सेतु का निर्माण किया है जिससे होकर हर स्त्री और हर पूरूष इस पृथ्वी की तीर्थयात्रा के अंतिम लक्ष्य तक पहुँचने के लिए पार कर सके।


मैं जी उठा हूँ और सदा तुम्हारे साथ हूँ , येसु का यह आश्वासन सबसे अधिक विशेष रूप से पवित्र यूखरिस्त में यथार्थ होता है। प्रत्येक पवित्र यूखरिस्तीय बलिदान का समारोह जिसमें कलीसिया और इसका प्रत्येक सदस्य उनकी जीवंत उपस्थिति को अनुभव करता है तथा उनके प्रेम की गहराई से लाभान्वित होता है। यूखरिस्त संस्कार में पुर्नजीवित प्रभु हमारे अपराधों से हमें शुद्ध करते हैं, आध्यात्मिक रूप से पोषण प्रदान करते हैं तथा मजबूती प्रदान करते हैं ताकि हम जीवन की कठिन परीक्षाओं का सामना कर पाप और बुराई के खिलाफ संघर्ष कर सकें। वे ही सुरक्षित आध्र हैं जो हमें स्वर्ग में हमारे अनन्त निवास की ओर हमारी इस तीर्थयात्रा में सहायता करते हैं। कुँवारी माता मरियम जो अपने दिव्य पुत्र के इस पृथ्वी पर उनके मिशन के हर पल उनके पक्ष में रही ईस्टर के उपहार का निष्ठापूर्वक स्वागत करने में हमें सहायता करें तथा हमें पुर्नजीवित प्रभु के हर्षित और निष्ठावान साक्षी बनाये।

इतना कहने के बाद संत पापा ने स्वर्ग की रानी आनन्द मना प्रार्थना का पाठ किया और उसके बाद सबको अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।








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