2008-08-25 12:51:30

ईश्वर के लिये समर्पित जीवन जीने में ही जीवन की सच्ची खुशी : संत पापा


संत पापा बेनेदिक्त सोलहवें ने इटली के रिमिनी में आयोजित लोकधर्मियों के एक वार्षिक सेमिनार में कहा है कि जीवन की सच्ची खुशी ईश्वर को समर्पित जीवन में ही है। संत पापा के उक्त संदेश को वाटिकन के राज्य सचिव कार्डिनल तारचिसियो बेरतोने ने पढ़कर सुनाया।

कार्डिनल बेरतोने ने ' कैथोलिक ले कम्युनियन एंड लिबरेशन ' के सदस्यों से आगे कहा कि आज के युग में लोग अपने जीवन का आदर्श उन लोगों को चुनते हैं जिन्हें मीडिया ने उनके सामने प्रस्तुत किया है। इनमें सिनेमा के कलाकार, टेलिविज़न के कलाकार, प्रसिद्ध खिलाड़ी और राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मनोरंजन कराने वाले कलाकार होते हैं।

कार्डिनल ने आगे कहा कि आज लोगों को यह पूछना चाहिये कि वास्तविक खुशी कहाँ से मिलती है।

मानव को पूछना चाहिये कि खुशी क्या है ? ' खुशी क्या है ' का ज़वाब देते हुए उन्होंने संत पौल की बातों की याद कराते हुए कहा कि हमें संत पौल की तरह दुनियावी लक्ष्य से मुख मोढ़ कर ईश्वर में अपना मन लगाना चाहिये। ईश्वरीय राह कठिन और काँटों से भरा होता है पर इसी में सच्ची शांति है।

तब उन्होंने कहा कि मानव का जीवन ईश्वर के लिये है औऱ ईश्वर की इच्छाओं की पूर्ति में ही सच्चा आनन्द है, और इसी में मानव जीवन की सच्ची सफलता है। इसके लिये यह आवश्यक है कि हम ईश्वर को में अधिक-से-अधिक जानें।

कार्डिनल बेरतोने ने आगे कहा यह महत्वपूर्ण नहीं है कि हमें चहारदीवारी के अन्दर रहते हैं या दुनिया के विभिन्न कार्यों में लगे हुए है। यह भी उतना मह्त्वपूर्ण नहीं है कि हमारा पेशा क्या है, पर यह अति महत्वपूर्ण है कि हमें ईश्वर ने अपनी योजना में शामिल किया है ताकि हम उसके प्रेम का विस्तार कर सकें।








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